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Piless हेमोरॉइड्स (बवासीर), भगंदर (फिस्टुला), और कब्ज से पीड़ित रोगियों के लिए आहार और जीवनशैली में बदलाव बहुत महत्वपूर्ण हैं नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहींं
Night Fall kya hai or kyo hota hai swapndosh ka ilaj
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पाइल्स भगंदर रोग होने के कारण |
✅क्या खाना चाहिए ✅
- फाइबर युक्त आहार:
- सब्जियां: पालक, गाजर, ब्रोकली, गोभी, खीरा, लौकी, तोरी।
- फल: सेब (छिलके सहित), नाशपाती, पपीता, अमरूद, जामुन, संतरा।
- साबुत अनाज: ओट्स, ब्राउन राइस, साबुत गेहूं की रोटी, बाजरा, ज्वार।
- दालें और बीन्स: मूंग दाल, मसूर दाल, चना, राजमा।
- फाइबर मल को नरम बनाता है और कब्ज को रोकता है, जिससे बवासीर और भगंदर में राहत मिलती है।
- खूब पानी और तरल पदार्थ:
- दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
- नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, हर्बल चाय जैसे तरल पदार्थ लें।
- पर्याप्त पानी कब्ज को कम करता है और मल त्याग को आसान बनाता है।
- प्रोबायोटिक्स:
- दही, छाछ, या प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।
- ये आंत के बैक्टीरिया को संतुलित करते हैं और कब्ज को रोकते हैं।
- हल्का और सुपाच्य भोजन:
- खिचड़ी, दलिया, सूप, उबली सब्जियां।
- ये पेट पर दबाव नहीं डालते और पाचन में आसान होते हैं।
- विशिष्ट खाद्य पदार्थ:
- एलोवेरा जूस: सूजन कम करता है।
- आंवला: विटामिन C और फाइबर से भरपूर, पाचन में मदद करता है।
- त्रिफला चूर्ण: रात को हल्के गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज में राहत मिलती है।
❌क्या नहीं खाना चाहिए❌
- मसालेदार और तीखा भोजन:
- मिर्च, गरम मसाला, लहसुन, अदरक का अत्यधिक उपयोग, तला हुआ खाना।
- ये गुदा क्षेत्र में जलन और सूजन बढ़ा सकते हैं।
- प्रोसेस्ड और जंक फूड:
- मैदा, पिज्जा, बर्गर, चिप्स, डिब्बाबंद खाना।
- इनमें फाइबर कम होता है, जिससे कब्ज बढ़ता है।
- कम फाइबर वाला भोजन:
- सफेद चावल, सफेद ब्रेड, मिठाइयां।
- ये पाचन को धीमा करते हैं और कब्ज को बढ़ावा देते हैं।
- अल्कोहल और कैफीन:
- शराब, कॉफी, और चाय का अधिक सेवन निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) का कारण बनता है, जिससे कब्ज बढ़ता है।
- रेड मीट और भारी प्रोटीन:
- मटन, बीफ, या अत्यधिक तेल में पकाया हुआ मांस पचने में समय लेता है और कब्ज बढ़ा सकता है।
- नमक और चीनी का अधिक सेवन:
- ज्यादा नमकीन या मीठा खाना पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
अन्य सुझाव:
- नियमित व्यायाम: रोज 30 मिनट पैदल चलें, योग (जैसे पवनमुक्तासन) करें।
- शौच की आदत: सुबह नियमित समय पर शौच जाएं, ज्यादा देर तक न रुकें।
- गर्म स्नान (Sitz Bath): गुनगुने पानी में 10-15 मिनट बैठने से बवासीर और भगंदर में राहत मिलती है।
- ज्यादा देर तक न बैठें: लंबे समय तक बैठने से गुदा पर दबाव पड़ता है।
- चिकित्सक की सलाह: यदि लक्षण गंभीर हों, तो प्रोक्टोलॉजिस्ट या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें
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Ujjain Piles Doctor |
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Piles Bawasir hone ka karan
गलत खान पान, अत्यधिक मिर्च मसाला, अल्कोहल,
लंबे समय तक बैठना
बहुत कम पानी पीना या बहुत ज्यादा वर्कआउट करना
वीकनेस
पहले परिवार में किसी को रहा हो
Letring me Blood khoon aana
यह भी पुरानी कब्ज से या पाइल्स, या मल रास्ते में कट लगने से गुदा से खून आने लगता है और भी समस्या हो सकती है जिसे polyp
Anus ke bagal se Pus aana jise Bhagandar bhi kahte hai
Fistula में एक और रास्ता बन जाता है जो छोटा फुंसी जैसे दिखता है अगर 1st ग्रेड में,, किसी भी तरह के एनोरेक्टल समस्या हो तो आज ही हमे संपर्क करे Best Piles Doctor in Ujjain
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